पुरवा

मुरादाबाद का साहित्यिक उपक्रम

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2 Comments

Reply Rahul
4:57 AM on May 24, 2010 
एक अच्छी शुरुवात कही जा सकती है. शहर विशेष पर केन्द्रित यह पत्रिका निश्चित ही सराहना के योग्य
है क्योंकि इस तरह के प्रयास बहुत ही कम देखे जाते हैं. मेरी ओर से आपको बधाई.
Reply Avadh kishore
1:05 AM on April 13, 2010 
Mahoday, Namaskar. Moradabad ke sahityakaron par patrika nikalna apne aap main ek alag tarah ka sundar karya hai. Meri Badhai Swikaren

इस माह के विशिष्ट रचनाकार

माहेश्वर तिवारी



मन है


आज गीत

गाने का मन है

अपने को

पाने का मन है


अपनी छाया है

फूलों में

जीना चाह रहा

शूलों में


मौसम पर

छाने का मन है


नदी झील

झरनों सा बहना

चाह रहा

कुछ पल यों रहना


चिड़िया हो

जाने का मन है